Swayam me anekon kamiyan hone ke bavjood mai apne aap se itna pyaar kar sakta hun

to fir doosron me thodi bahut kamiyon ko dekhkar unse ghrina kaisi kar sakta hun-

anmol vachan, Swami Vivekanand Ji


Wednesday, 11 March 2015

Jab Tu Hi Tu Hai Sab Me Vasaजब तू ही तू है सब में बसा,फिर कौन भला और कौन बुरा ।


              जब तू ही तू है सब में बसा, फिर कौन भला और कौन बुरा .....२

               हर चीज में जलवा तेरा ही,मुझे नज़र आया इन आँखों से,
                एक बार जो देखा,परदा हटा,फिर कौन भला और कौन बुरा।

                 जब तू ही तू है सबमें बसा, फिर कौन भला और कौन बुरा।

                किस चीज से अब मैं प्यार करूँ, और ठोकर से ठुकराऊँ किसे,
                 जब दिल से दिल का भेद मिटा, फिर कौन भला और कौन बुरा, 
                   जब तू ही तू है सबमें बसा................................   

                    फिर सुख दु:ख में रोना हँसना क्या, और जीवन मरण विछोना क्या,
                     जब सबमें है प्रभू तेरी रजा,  फिर कौन भला और कौन बुरा ।
                     जब तू ही तू है सबमें बसा, फिर कौन भला और कौन बुरा ।      




   Ref: ma kankeshwari devi ji