Swayam me anekon kamiyan hone ke bavjood mai apne aap se itna pyaar kar sakta hun

to fir doosron me thodi bahut kamiyon ko dekhkar unse ghrina kaisi kar sakta hun-

anmol vachan, Swami Vivekanand Ji


Wednesday, 22 April 2015

Ma Kali Ki Aarti.(माँ काली जी की आरती।)

अम्बे तू है जगदम्बे काली जय दुर्गे खप्पर वाली,
     तेरे   ही    गुण गायें      भारती। 
ओ मैया हम सब उतारें तेरी  आरती ।
  माता तेरे भक्त जनों पर भीड़ पड़ी है भारी ।
दानव दल पर टूट पड़ो माँ करके सिंह सवारी ।
सौ सौ सिंहों से है बलशाली ,दस दस भुजाओं वाली।
     दुखियों के दु:ख को निवारती ।
     ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती ।अम्बे तू है ।
     माँ बेटे का इस जग में है बड़ा ही निर्मल नाता।
      पूत कपूत सुने हैं पर ना माता सुनी कुमाता ।
   सब पर करुणा दरसाने , वाली अमृत बरसाने वाली ।
             दुखियों के दु:ख को निवारती ।
            ओ मैया हम सब उतारें तेरी अरती ।अम्बे तू ।
    नहीं माँगते धन और दौलत , ना चाँदी ना सोना ।
 हम तो माँगे माँ तेरे मन में एक छोटा सा कोना ।
   सबकी बिगड़ी बनाने वाली , लाज बचाने वाली ।
        सतियों के सत को सँवारती ।
      ओ मैंया हम सब उतारें तेरी आरती ।अम्बे तू ।



--------------------------------------------------------------------
More Articles :