Swayam me anekon kamiyan hone ke bavjood mai apne aap se itna pyaar kar sakta hun

to fir doosron me thodi bahut kamiyon ko dekhkar unse ghrina kaisi kar sakta hun-

anmol vachan, Swami Vivekanand Ji


Tuesday, 2 June 2015

Nam Tumhara TaranHara ( नाम तुम्हारा तारणहारा )।

नाम तुम्हारा तारण हारा, कब तेरा दर्शन होगा,
जिसकी रचना इतनी सुंदर , वो कितना सुंदर होगा।
नाम तुम्हारा...........................................

सुर नर मुनि जन जिन चरणों में निश दिन ध्यान लगाते हैं,
जो भी तुम्हारे दर पे आते हैं , मन वाँछित फल पाते हैं,
    आत्म निधि को पाने हेतु, दर पे तेरे आना होगा ,
जिसकी रचना इतनी सुंदर , वो कितना सुंदर होगा ।
नाम तुम्हारा..................................................।

दीन दयाल दया के सागर , जग में तुम्हारा नाम है ,
तुम बिन मेरे बालकृष्ण अब , कोई नहीं हमारा है ,
(आत्मनिधि को पाने हेतु )भवसागर पार करने हेतु तेरा ही शरणा होगा ,
जिसकी रचना इतनी सुंदर , वो कितना सुंदर होगा ।
नाम तुम्हारा..................................................।