Swayam me anekon kamiyan hone ke bavjood mai apne aap se itna pyaar kar sakta hun

to fir doosron me thodi bahut kamiyon ko dekhkar unse ghrina kaisi kar sakta hun-

anmol vachan, Swami Vivekanand Ji


Thursday, 13 August 2015

Bhagwan Shankar Ke 108 Nam (भगवान शंकर के १०८ नामों का वर्णन )

।७१.१. ओम् शिवाय नम:
२. ओम् महेश्वराय नम:
३. ओम् शम्भवे नम:
४. ओम् पिनाकिने नम:
५. ओम् शशिशेखराय नम: 
६. ओम् वामदेवाय नम: 
७. ओम् विरूपाक्षाय नम: 
८. ओम् कपर्दिने नम:
९. ओम् नीललोहिताय नम:
१०. ओम् शंकगय नम:
११. ओम् शूलपाणिने नम:
१२. ओम् खट्वांगिने नम: 
१३. ओम् विष्णुवल्लभाय नम:
१४. ओम् शिपिविष्टाय नम: 
१५. ओम् अम्बिकानाथाय नम:
१६. ओम् श्रीकण्ठाय नम: 
१७. ओम् भक्तवत्सलाय नम:
१८. ओम् भवाय नम: 
१९. ओम् शर्वाय नम: 
२०. ओम् त्रिलोकेशाय नम:
२१. ओम् शितिकण्ठाय नम:
२२. ओम् शिवप्रियाय नम:
२३. ओम् उग्राय नम:
२४. ओम् कपालिने नम:
२५. ओम् कामारये नम:
२६. ओम् अन्धकासुरसूदनाय नम:
२७. ओम् गंगाधराय नम:
२८. ओम् ललाटक्षाय नम:
२९. ओम् कलिकालाय नम:
३०. ओम् कृपानिधये नम:
३१. ओम् भीमाय नम:
३२. ओम् परशुहस्ताय नम:
३३. ओम् मृगपाणये नम:
३४. ओम् जटाधराय नम:
३५. ओम् कैलाशवासिने नम:
३६. ओम् कवचिने नम:
३७. ओम् कठोराय नम:
३८. ओम् त्रिपुरान्तकाय नम:
३९. ओम् वृषंगिने नम:
४०. ओम् वृषभारूढाय नम:
४१. ओम् भस्मोदूधूलितविग्रहाय नम:
४२.ओम् सामप्रियाय नम:
४३. ओम् स्वरभयाय नम:
४४. ओम् त्रयीमूर्तये नम:
४५. ओम् अनीश्वराय नम:
४६. ओम् सर्वज्ञाय नम:
४७. ओम् परमात्मने नम:
४८. ओम् सोमसूर्याग्रिलोचनाय नम:
४९. ओम् हविषे नम: 
५०. ओम् यज्ञमयाय नम:
५१. ओम् सोमाय नम:
 ५२. ओम् पंचवक्त्राय नम: 
५३. ओम् सदाशिवाय नम:
५४.  ओम् विश्वेश्वराय नम:
 ५५. ओम् वीरभद्राय नम:
५६. ओम् गणनाथाय नम:
५७.  ओम् प्रजापतये नम:
५८. ओम् हिरण्यरेतसे नम: 
५९. ओम् दुर्धर्षाय नम:
६०.ओम् गिरीशाय नम:
६१. ओम् गिरिशाय नम:
६२. ओम् अनघाय नम: 
६३. ओम् भुजंगभूषणाय नम:
६४. ओम् भर्गाय नम:
६५. ओम् गिरिधन्वने नम: 
६६. ओम् गिरिप्रियाय नम: 
६७. ओम् कृत्तिवाससे नम:
६८. ओम् पुरारातये नम:
६९. ओम् भगवते नम: 
७०. ओम् प्रमथाधिपाय नम:
७१. ओम् मृत्युंजाय नम:
७२. ओम् सूक्ष्मतनवे नम:
७३. ओम् जगद्वयापिने नम:
७४. ओम् जगदगुरवे नम:
७५. ओम् व्योमकेशाय नम:
७६. ओम् महासेन-जनकाय नम:
७७. ओम् चारूविक्रमाय नम:
७८. ओम् रुद्राय नम:
७९. ओम् भूतपये नम: 
८०. ओम् स्थाणवे नम:
८१. ओम् अहिर्बुधन्याय नम:
८२. ओम् दिगम्बराय नम:
८३. ओम् अष्टमूर्तयै नम:
८४. ओम् अनेकात्मने नम:
८५. ओम् सात्त्विकाय नम:
८६. ओम् शुद्धविग्रहाय नम:
८७. ओम् शाश्वताय नम:
८८. ओम् खण्डपरशवे नम:
८९. ओम् रजसे नम:
९०. ओम् पाशविमोचनाय नम:
९१. ओम् मृडाय नम: 
९२. ओम् पशुपतये नम:
९३. ओम् देवाय नम:
९४. ओम् महादेवाय नम: 
९५. ओम् अव्ययाय नम: 
९६. ओम् हरिपूषणे नम: 
९७. ओम् दन्तभिक्षे नम: 
९८. ओम् अव्यग्राय नम: 
९९. ओम् दक्षाधरहराय नम: 
१००. ओम् हराय नम: 
१०१. ओम् भगनेत्रभिदे नम: 
१०२. ओम् अव्यक्ताय नम: 
१०३. ओम् सहस्त्राक्षाय नम: 
१०४. ओम् सहस्त्रपदे नम: 
१०५. ओम् अपवर्गप्रदाय नम: 
१०६. ओम् अनन्ताय नम: 
१०७. ओम् तारकाय नम: 
१०८. ओम् परमेश्वराय नम:

इति शिवाष्टोत्तरशतनामावलि: सम्पूर्णम् ।