Swayam me anekon kamiyan hone ke bavjood mai apne aap se itna pyaar kar sakta hun

to fir doosron me thodi bahut kamiyon ko dekhkar unse ghrina kaisi kar sakta hun-

anmol vachan, Swami Vivekanand Ji


Saturday, 8 August 2015

Sharan Me Aa Para Tere , Prabhu Mujhko Na Thukarana (शरण में आ पड़ा तेरे,प्रभु मुझको न ठुकराना)। (Krishna Bhajan)

शरण में आ पड़ा तेरे, प्रभु मुझको न ठुकराना ।

पकड़ लो हाथ अब मेरा, नाथ देरी लगाना ना ।


तेरा है नाम दुनियाँ में , पतितपावन सभी जानें,

पतितपावन सभी जानें --२  

देखकर एक नजर प्रभुजी , नजर मुझसे हटाना ना।

शरण में आ पड़ा तेरे, प्रभु मुझको न ठुकराना ।


काल की है नदी भारी , बहा जाता हूँ धारा में,

बहा जाता हूँ धारा में ।

पकड़ लो हाथ अब मेरा , नाथ देरी लगाना ना ।


बहा दो प्रेम की गंगा , दिलों में प्रेम का सागर ,

दिलों में प्रेम का सागर ।

ये जीवन प्रेम से बीते , हमें आकर सिखा देना ।

शरण में आ पड़ा तेरे , प्रभु मुझको न ठुकराना ।