Swayam me anekon kamiyan hone ke bavjood mai apne aap se itna pyaar kar sakta hun

to fir doosron me thodi bahut kamiyon ko dekhkar unse ghrina kaisi kar sakta hun-

anmol vachan, Swami Vivekanand Ji


Wednesday, 28 October 2015

Ath Sapt Shloki Ma Durga Ke Siddh Mantra.

देहि सौभाग्यमारोग्यं देहि मे परमं सुखम् ।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जाहि  ।।१ ।। (आरोग्य और सौभाग्यकी प्राप्ति के लिए )

दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तो:         ( दारिद्रयदु:खादिनाश के लिए )
स्वस्थै: स्मृता मतिमतीव  शुभां  ददासि ।
दारिद्रयदु:खभयहारिणी  का  त्वदन्या
सर्वोपकारकरणाय  सदार्द्रचित्ता ।।२ ।।

सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके ।   ( सब प्रकार के कल्याण के लिए )
शरण्ये त्रयम्बके गौरि नारायणि नमोस्तुते ।।३ ।।

शरणागतदीनार्तपरित्राणपरायणे।                  ( विपत्ति नाश  के लिए )
सर्वस्यार्तिहरे देवि  नारायणि नमोस्तु ते  ।।४ ।।

सर्वस्वरूपे  सर्वेशे  सर्वशक्तिसमन्विते ।           (भय - नाश के लिए मंत्र। )
भयेभ्यस्त्राहि नो देवि दुर्गे देवि नमोस्तु ते ।।५ ।।

रोगानशेषनपहंसि तुष्टा               ( रोग- नाश के लिए )
रूष्टातु कामान सकलानभीष्टान।
त्वाममश्रिताम न विपन्नाणाम्
त्वाममश्रितां ह्राश्रयतां प्रयान्ति ।।६ ।।

सर्वबाधाप्रशमनं  त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरि  ।     ( बाधा - शांति के लिए )
एवमेव त्वया कार्यमस्मद्वैरिविनाशनम् ।।७ ।।

इति सप्त श्लोकी दुर्गा सम्पूर्णम् ।।