Swayam me anekon kamiyan hone ke bavjood mai apne aap se itna pyaar kar sakta hun

to fir doosron me thodi bahut kamiyon ko dekhkar unse ghrina kaisi kar sakta hun-

anmol vachan, Swami Vivekanand Ji


Tuesday, 3 November 2015

Yashoda Tori Bhagya Ki Kahi Na Jaye.(यशोदा तोरी भाग्य की कही न जाए )

  

अहा भाग्य की कहि न जाई ।
यशोदा तोरी भाग्य की कहि न जाई।

जो मूरत ब्रह्मादिक , मुनि दुर्लभ ,
सो प्रगटे हैं आई ,भाग्य की कहि न जाई ।
यशोदा तोरी भाग्य की कहि न जाई ।

शिव नारद सनकादि महामुनि , मिलवे करत उपाई ।
ते नंदलाल धूलि धुसरित हैं  यशोदा कण्ठ लपटाई ।
 भाग्य की कहि न जाई ,यशोदा तोरी भाग्य की कहि न जाई ।

रत्न जटित पौढ़ाय पालने, मदन  देख मुसकाई।
झूलो मेरे लाल  , जाऊ बलिहारी, देखि देखि मुसकाई।
 परमानंद बलि जाई ,यशोदा तोरी भाग्य की कहि न जाई।
हाँ भाग्य की कहि न जाई।