Swayam me anekon kamiyan hone ke bavjood mai apne aap se itna pyaar kar sakta hun

to fir doosron me thodi bahut kamiyon ko dekhkar unse ghrina kaisi kar sakta hun-

anmol vachan, Swami Vivekanand Ji


Thursday, 14 January 2016

Bhagwat Bhagwan Ki Hai Aarti ( भागवत् भगवान की है आरती )।



भागवत्  भगवान की है आरती ,
पापियों को पाप से है तारती ।---२ 

ये अमर ग्रंथ , ये मुक्ति पंथ ,
ये   पंचम  वेद   निराला ।
नव ज्योति जगाने वाला ,
हरि ज्ञान यही ,बरदान यही ,
जग के मंगल की आरती ,
पापियों को पाप से है तारती ।
भागवत् भगवान की है आरती ,
पापियों को पाप से है तारती।

ये शांतिगीत, पावन पुनीत,
पापों को मिटानेवाला ।
हरि दर्श  दिखाने वाला ,
है सुख करनी ,ये दु:खहरनी,
ये मधूसुदन की आरती।
पापियों को पाप से है तारती। 
भागवत् भगवान की है आरती,
पापियों को पाप से है तारती।

ये मधुर बोल, जग पंथ खोल,
सन्मार्ग दिखाने वाला ।
बिगड़ी को बनाने वाला,
श्रीराम यही, घनश्याम यही,
प्रभु के महिमा की आरती ।
पापियों को पाप से है तारती।
भगवत् भगवान की है आरती,
पापियों को पाप से है तारती।