Swayam me anekon kamiyan hone ke bavjood mai apne aap se itna pyaar kar sakta hun

to fir doosron me thodi bahut kamiyon ko dekhkar unse ghrina kaisi kar sakta hun-

anmol vachan, Swami Vivekanand Ji


Tuesday, 31 May 2016

ShreeKrishnashtakam ( श्रीकृष्णाष्टकम् )




भजे  व्रजैकमण्डनं   समस्तपापखण्डनं 
 स्वभक्तचित्तरंजनं  सदैव  नन्दनन्दनम् ।
सुपिच्छगुच्छमस्तकं  सुनादवेणुहस्तकं
ह्वानंगरंगसागरं   नमामि    कृष्णनागरम्  ।। १  ।।

मनोजगर्वमोचनं      विशाललोललोचनं
विधूतगोपशोचनं   नमामि  पद्मलोचनम् ।
करारविन्दभूधरं        स्मितावलोकसुन्दरं 
महेन्द्रमानदारणं   नमामि   कृष्णवारणम्  ।।२ ।।

कदम्बसूनूकुण्डलं    सुचारुगण्डमण्डलं
व्रजांगनैकवल्लभं  नमामि  कृष्ण दुर्लभम् ।
यशोदया  समोदया सगोपया  सनन्दया 
युतं  सुखैकदायकं नमामि  गोपनायकम्  ।।३ ।।

सदैव  पादपंकजं   मदीयमानसे   निजं
दधानमुत्तमालकं  नमामि  नन्दबालकम् ।
समस्तदोषशोषणं    समस्तलोकपोषणं
समस्तगोपमानसं नमामि  कृष्णलालसम् ।।४ ।।

भुवो   भरावतारकं   भवाब्धिकर्णधारकं
यशोमतीकिशोरकं  नमामि  दुग्धचोरकम्।
दृगन्तकान्तभंगिनं       सदासुबालसंगिनं
दिने  दिने  नवं  नवं  नमामि  नन्दसंभवम् ।।५ ।।

गुणाकरं   सुखाकरं   कृपाकरं   कृपावरं
सुरद्विषन्निकन्दनं   नमामि   गोपनन्दनम् ।
नवीनगोपनागरं        नवीनकेलिलम्पटं
नमामि  मेघसुन्दरं    तडित्प्रभालमत्पटम् ।।६ ।।

समस्तगोपनन्दनं       हृदम्बुजैकमोहनं
नमामि   कुंजमध्यगं   प्रसन्नभानुशोभनम् ।
निकामकामदायकं     दृगन्तचारूसायकं
रसालवेणुगायकं   नमामि  कुंजनायकम् ।।७ ।।

विदग्धगोपिकामनोमनोज्ञतल्पशायिनं
नमामि  कुंजकानने  प्रवृद्धवह्निपायिनम्।
यदा तदा यथा तथा तथैव  कृष्णसत्कथा
मया सदैव गीयतां तथा कृपा विघीयताम् ।
प्रमाणिकाष्टकद्वयं     जपत्यधीत्य   य: 
पुमान्भवेत्स  नन्दनन्दने  भवे  भवे  सुभक्तिमान् ।।८ ।।



Wednesday, 18 May 2016

दादी या नानी माँ के घरेलू प्राथमिक उपचार

(इलायची का उपयोग)  १-   मुँह में छाले हो तो इलायची को पीसकर उसमें शहद मिलाकर लगाने से छाले ठीक होते हैं।

२-   २-३  ग्राम इलायची को पीसकर मिश्री मिलाकर लेने से पेशाब कम अाना या जलन होने की समस्या में शीघ्र लाभ होता है।

३-     हिचकी नहीं रुक रही हो तो २ इलायची व ३ लौंग को पानी में चाय की तरह थोड़ी देर उबाल कर पिलाने से लाभ होता है।यदि एक बार में ठीक नहीं हुआ तो यह प्रयोग दिन में ३-४ बार कर सकते हैं।

(काली मिर्च )-----१-  यदि खाँसी के कारण सो नहीं पा रहे हैं तो १-२ काली मिर्च मुँह में रखकर चूसते रहने से खाँसी में आराम हो जायेगा तथा नींद भी आ जायेगी।

२-      थोड़ा अदरक व ३-४ काली मिर्च मिलाकर काढ़ा बनाकर पीने से खाँसी में तुरन्त आराम होता है।

३--    शीतपित्त होने पर ४-५ कालीमिर्च पीसकर उसमें १ चम्मच गर्म घी और शक्कर मिलाकर पिलाने से लाभ होता है।

४--   खाँसी व उसके साथ कमजोरी भी हो तो २० ग्राम कालीमिर्च, १०० ग्राम बादाम , १५० ग्राम मिश्री मिलाकर कूटकर पाउडर बनाकर किसी साफ शीशी में भरकर रख लें, सुबह - शाम गर्म दूध के साथ अथवा गर्म पानी से लेने से पुरानी खाँसी भी ठीक हो जाती है।इससे कमजोरी में भी लाभ होता है।


(मेथी का उपयोग-)-------

१-     एक चम्मच मेथी को एक कप पानी में भिगो दें। प्रात: उस पानी को पीकर मेथी को भी चबाकर खायें।मधुमेह में इससे लाभ होगा व इससे होने वाली कमजोरी, वातरोगों व हृदयरोग में भी फायदा होगा।

२---- मेथी , हल्दी  तथा सौंठ को बराबर मात्रा में लेकर पाउडर करके रखें। १-१ चम्मच सुबह -शाम गर्म पानी या गर्म दूध के साथ लेनें से जोड़ों के दर्द या सभी तरह के वात रोग या सूजन में लाभ होता है।

३---     पुराने अर्थराइटिस के रोगियों को लम्बे समय तक मेथी का प्रयोग करने से चमत्कारी लाभ होता है।

४---  आर्थराइटिस व मधुमेह के रोगियों को मेथी को अंकुरित करके भी प्रतिदिन सेवन करने से लाभ मिलता है।

५---  सर्दी तथा कफ में मेथी एवं अदरक का काढ़ा बनाकर पीने से लाभ होता है।


(अदरक का प्रयोग-)----- 

१--  भोजन के आरंभ में ३-४ छोटे टुकड़े अदरक लेने से भूख बढ़ती है तथा भोजन के पश्चात लेने से भोजन पचता है।

२--- २ चम्मच अदरक के रस में थोड़ा शहद मिलाकर लेने से सर्दी जुकाम एवं खाँसी में फायदा मिलता है।

३-----  यदि ठंढ से दाँत में दर्द हो तो एक टुकड़ा अदरक को दाँत में दबाकर रखने से तुरन्त लाभ मिलेगा।

४------  अदरक को भूनकर चूसने से खाँसी में लाभ होता है।

५-------   २-३ ग्राम सौंठ पाउडर में१/२ या १ ग्राम दालचीनी मिलाकर दूध या पानी के साथ लेने से पाचन ठीक रहता है तथा हृदय को ताकत मिलता है।

६------   अदरक के रस में नींबू का रस मिलाकर पीने से मन्दाग्नि दूर होकर भूख लगती है।

७-------  २ ग्लास पानी में ५ ग्राम अदरक कूटकर उबालकर उसमें नींबू का रस तथा थोड़ा शहद डालकर सुबह खाली पेट गुनगुना पीने से मोटापा कम होता है।

Tuesday, 17 May 2016

Jhanki Karne ko Aaj , Mai ShreeJee Ke Dwar Chali.


सपने को साकार बनाया, करके कृपा मुझे पास बुलाया ,
मुझ अनाथ को श्रीनाथ ने ,  देकर  प्रेम सनाथ बनाया ,
अपने पतिदेव के साथ चली ,   मेरी नैया पार लगी ।
झाँकी करने को आज मैं ,  श्रीजी के द्वार चली ।
बहुत दिनों के बाद ,       मेंरी    तकदीर  खुली  ,
झाँकी करने को आज ,  मैं श्रीजी के द्वार चली ।
गिरिराज धरण प्रभु तेरी शरण-------------------।

मोर चन्द्रिका शीश पे सोहे , श्याम छवि सब का मन मोहे ,
मुझे हाथ से पास बुलावे ,  कटी हाथ में कमल धरावे ,
मेरी नाथ  नगरिया,  प्रभु की बगिया,  महके गली - गली,
झाँकी करने को आज , मैं   श्रीजी के   द्वार चली ।
बहुत दिनों के बाद-------------------- ।
गिरिराज धरण प्रभु तेरी शरण --------------।


जाकर सन्मुख बैठ धरूँगी , निरख - निरख छवि दरश करूँगी ,
सेवा करके श्रीनाथ की    ,  जीवन अपना सफल करूँगी ,
माला भी मैं गूथूँगी  ,   चुन -  चुन कर  कली - कली ।
झाँकी करने को आज मैं ,  श्रीजी के द्वार चली ।
बहुत दिनों के बाद ----------------- ।
गिरिराज धरण प्रभु तेरी शरण -------------।





Saturday, 14 May 2016

एलोवेरा के गुण

१-   घृतकुमारी ( एलोवेरा ) के गुदे को निकालकर ,टुकड़े बनाकर पकाकर खाने से सन्धिवात, वायु विकार , पेट व यकृत् के विकार का नाश होता है।

२-   कटे हुए या जले हुए स्थान पर उसी समय एलोवेरा जेल या रस लगाने से फफोला नहीं पड़ता, रक्त बहना रुक जाता है तथा जख्म जल्दी ठीक हो जाता है।

३-   ४ - ६ चम्मच एलोवेरा रस प्रतिदिन पीने से समस्त पेट के रोग व शरीरगत कमजोरी में लाभ होता है।

४-      एलोवेरा जेल को चेहरे पर लगाने से चेहरे की कान्ति बढ़ती है।झाइयाँ , कील , मुहासों में भी लाभ होता है।

५-     हाथ - पैरों की रूक्षता में एलोवेरा जेल लगाने से तुरन्त लाभ होता है।