Swayam me anekon kamiyan hone ke bavjood mai apne aap se itna pyaar kar sakta hun

to fir doosron me thodi bahut kamiyon ko dekhkar unse ghrina kaisi kar sakta hun-

anmol vachan, Swami Vivekanand Ji


Tuesday, 10 January 2017

कान्हा ने जब गोपियों की शिकायत की यशोदा मैया से।

मैया जब मैं घर से चलूँ , बुलावें ग्वालिन सादर मोय ।
अचक हाथ को झालो देके,  मीठी बोले देवर कहके ।
निधरक हो जायँ साँकर देके , झपट उतारे  काछनी ,
मुरली लेयँ  छिनाय  ।  मैं बालक ये धींगरी ,
इनसे  कहा   बसाय । खुद  नाचे  अरू मोयँ  नचावें ।
क्या - क्या बताऊँ तोको मोरी मैया ।मैया जब ...... ।। १ ।।

एक दिना एक चतुर बहुरिया, ले गई मेरी पकड़ अँगुरिया ।
छोटी सी उसकी राम कुठरिया, गोरस की मटकी तभी ,
धरी  पास  तत्काल । माखन दूँगी  घनों सो ,चैंटी बीनो लाल।
मैंने बाकी चैंटी बीनी । वह गई निधरक सोय ।।मैया जब ... ।।२ ।।

एक दिना की सुन मोरी मैया, मैं बैठो हो कदम की छैंया ।
ढिग बैठो बलदाऊ भैया ,एक आई जल भरन को ,
फिसल गयो वाको पाँव ।मेरे गोहन पड़ गई और बोली , 
धक्का दीनों श्याम , दे दे गुलचा गाल लाल किये ।
मैं ठाड़ो रह्यो रोय ,मोरी मैया।मैया जब ........ ।। ३ ।।

तेरे मुँह पर करें बड़ाई , पाछे  वो तेरी करें बुराई ।
ऐसी ब्रज की ढीठ लुगाई , इनकी तु पतियाती ।
और मुझे झूठा बनाती , इनको समझती शाह।
चोर नाम मेंरो धरो , होन न देंगी मेरो ब्याह  ।
मेरे साथ ये ऐसों करती , जैसो करें न कोय । मैया जब ..   ।। ४ ।।